मातंगी तर्पण मार्जन

मातंगी तर्पण मार्जन

साधक गुरुआज्ञानुसार जप करें। जप पू्र्ण होने के बाद महुए के फूल व लकड़ी के दशांस होम कर तर्पन व मार्जन करें।

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